Nagpur-High-Court

पूर्व नगराध्यक्ष मेंढे  का सपना हुआ चकनाचूर

भंडारा  :

Nagpur High Court  मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ ने भंडारा शहर के प्रसिद्ध लाल बहादुर शास्त्री स्कूल “मनरो” के भव्य प्रांगण में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स  के निर्माण को मंजूरी दी है. मुंबई हाईकोर्ट की नागपुर बेंच Nagpur High Court ने याचिकाकर्ता की याचिका पर स्थगन की अपील करने वाले याचिकाकर्ता पर अपना फैसला सुनाया है  लाल बहादुर शास्त्री स्कूल  क्षेत्र में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स  निर्माण कार्य ठप्प पडा  था । यह  108 साल पुराने लाल  स्कूल की भव्यता और शैक्षणिक  मूल्यों को बनाए रखने के लिए स्कूल और प्रांगण विकास के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए जाने काआदेश न्यायालय ने पारित किया  

यह याचिका भंडारा के डॉ. नितीन तुरस्कर और अभिजित वंजारी दायर कि थी. इस निर्माण का काम मिलने हेतू सन्नी कन्सट्रक्सन निविदा प्रक्रिया मे हिस्सा लिया था. निविदा मे अपात्र होणे बाद सन्नी कन्सट्रक्सन के पार्टनर अनिल मेढे द्वारा हायकोर्ट मे याचिका दर कि थी. मगर कोर्ट मे सफलता नही मिळणे के बाद इसे भावनिक मुद्दा बनाकर आंदोलन खडा किया गया . लोगो से पैसा वर्गणी जमा कि और जनहित याचिका दायर कि थी और का निर्माण पर कोर्ट Nagpur High Court से स्थानागदेश प्राप्त किया था

Nagpur High Court याचिकाकर्ता मामले के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं कर सके

माजी छात्रों के भावनात्मक समर्थन के प्राप्त किया कर तमाशा खडा किया था और  निर्माण को स्थगित कर दिया गया था। जिला परिषद ने भंडारा अंतर्गत BOT ‘बिल्ड, यूज एंड ट्रांसफर’ योजना के तहत लाल स्कूल के भव्य परिसर में कुल 68 व्यावसायिक मंजिलों के निर्माण को मंजूरी दी थी। हालांकि, चूंकि स्कूल १०८  साल पुराना है, इसलिए स्कूल में किसी भी प्रकार के छात्रों ने इसे विरासत स्थल का दर्जा देते हुए अदालत में अपनी बात रखी थी याचिका पर सुनवाई के दौरान स्थगन आदेश पारित किया गया। हालांकि, नागपुर पीठ Nagpur High Court ने स्कूल के निर्माण पर लगे स्थगन आदेश को हटा लिया है क्योंकि ठेकेदार व्यवसायी और जिला परिषद भंडारा ने स्थगन आदेश के खिलाफ अपील की थी । याचिकाकर्ता मामले के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं कर सके। इसलिए कोर्ट ने निर्माण पर लगी रोक हटा ली है।

68 व्यावसायिक दुकाने बनाने का निर्णय

याचिकाकर्ताओं के अनुसार, स्कूल 1881 में बनाया गया था। इसलिए विद्यालय भवन हेरिटेज के रूप में है लेकिन जिला परिषद भंडारा के तहत 2018 में विद्यालय के खाली स्थान पर 68 व्यावसायिक दुकाने बनाने का निर्णय लिया गया। स्कूल के पूर्व छात्रों ने इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। 22 सितंबर 2021 को हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने निर्माण पर रोक लगा दी थी। स्थगन आदेश के खिलाफ जिला परिषद भंडारा द्वारा नागपुर पीठ में एक हलफनामा दायर किया गया था।

हलफनामे में कहा गया है कि इस निर्माण से जिला परिषद को मिलने वाले राजस्व से स्कूल के विकास पर खर्च किया जाएगा. इस आधार पर उच्च न्यायालय के  नागपुर पीठ ने निर्माण पर लगी रोक हटा ली और १.५ कोटी रुपये विकास हेतू देने का आदेश पारित भी किया। इस आदेश से लाल बहादुर शास्त्री विद्यालय का निर्माण कार्य एक बार फिर शुरू हो जाएगा। याचिका कर्ता के तरफ से प्रसिद्ध एडव्होकेट बी.जी. कुलकर्णी ने पैरवी कि. अपील कर्ता के तरफ से मे. प्रभात कन्सट्रक्सन के पार्टनर श्री गौरव प्रभात गुप्ता के तरफ से जाने-माने प्रसिद्ध सिनिअर अभियोक्ता एम. जी भांगडे ने कि.

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